विद्युत वितरण विभाग की कार्यशैली से भृष्टाचार की दुर्गंध आ रही है 


राकेश यादव के साथ ए. के. विश्वकर्मा की खास रिपोर्ट, 

3 सितम्बर 2022,

विद्युत वितरण विभाग की कार्यशैली से भृष्टाचार की दुर्गंध आ रही है 

विद्युत बिल बाकी किसी का, 
और नोटिस किसी अन्य को, 

क्या उत्तर प्रदेश के विद्युत विभाग के अधिकारियों की यही कार्यशैली है, 

क्या उत्तर प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी इस मामले को अपने संज्ञान में लेकर जांच करवायेंगे, 

या फिर उत्तर प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यकाल में उपभोक्ताओं को ऐसे ही लूटता रहेगा विद्युत विभाग, 

जबकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विद्युत विभाग की एक टीम गाँव रायपुर बीकेटी लखनऊ को 2022 के मई माह में जांच करने गयी थी, और महेश को नोटिस 29 जुलाई 2022 को प्राप्त हुई है, 

सोचने वाली बात तो यह है कि इस नोटिस को महेश के पास लगभग 2 महीने के बाद क्यों पहुंची, 

इस नोटिस से ही पता चलता है कि कहीं ना कहीं कुछ तो गड़बड़ है, 

जहाँ पर एक निर्दोष व्यक्ति के ऊपर बिजली चोरी का इलजाम विद्युत विभाग के द्वारा लगाया गया है, 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड- विद्युत वितरण खण्ड- बी0के0टी0. लेसा लखनऊ के द्वारा पत्रांक संख्या- 136- एफ ए. विद्युत वितरण खण्ड बक्शी का तालाब- वी- 762- पंजीकृत डाक दिनाँक- 29 जुलाई 2022 को जारी किया गया है, 

जिसमें साफ तौर पर महेश- पुत्र- सीताराम- निवासी- गाँव- रायपुर-   आई- एम- रोड- तहसील- बी0के0टी0- लखनऊ के नाम पर (180806-00) एक लाख अस्सी हजार आठ सौ छ रूपये का विद्युत कर बकाया दिखाया गया है, 

इस दस्तावेज को मिलते ही महेश सहित सारा परिवार सकते में आ गया है, 

जबकि महेश के विद्युत कनेक्शन की संख्या 2139701424 इतनी है, 

उक्त संयोजन संख्या का कोई भी बकाया नहीं है फिर भी विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता के द्वारा जो बकाया दिखा कर महेश के नाम से नोटिस जारी की है उसकी जांच होना अति आवश्यक है, 

जबसे यह नोटिस महेश को मिली है तबसे पूरे परिवार की हालत खस्ता एवं काफी परेशानी जैसा माहौल बना हुआ है, 


अगर इस महत्वपूर्ण मामले की न्यायिक जांच नहीं हुई तो इस परिवार में किसी अनहोनी की सूचना मिल सकती है, 

जिसकी भरपाई होना ना मुमकिन है,

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।