सीतापुर में ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी!*


*सीतापुर में ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी!*

*जिलाधिकारी ने बताया कि ठण्ड से बचाव को लेकर जिले में 15 जगहों पर रैन बसेरे बनाये गये हैं।*

*निराश्रितों, असहायों एवं राहगीरों के ठहरने के लिए रैन बसेरे संचालित हैं।*

*जिला प्रशासन ने ठण्ड से बचाव के लिए कई सुझाव भी दिए हैं।*

 *मनोज रस्तोगी/अब तक न्याय*

उत्तर प्रदेश/सीतापुर मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में जनपद में शीतलहर एवं कोहरे का प्रकोप बढ़ेगा। सर्दी और शीतलहर से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 ने ठण्ड से बचाव के लिए गाइडलाइन यानी ठण्ड से बचाव को लेकर क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तार से बताया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि ठण्ड से बचाव को लेकर जिले में 15 जगहों पर रैन बसेरे बनाये गये है। निराश्रितों, असहायों एवं राहगीरों के ठहरने के लिए रैन बसेरे संचालित हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में कोई निराश्रित, असहाय अथवा राहगीर निःशुल्क ठहर सकता है। सभी रैन बसेरों में शासन के निर्देशानुसार समुचित प्रबन्ध किये गए हैं।

अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह ने ठण्ड से बचाव के उपायों के बारे में बताते हुए कहा कि जनसामान्य लगातार समाचार पत्रों, रेडियो एवं टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें तथा जिला प्रशासन व राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाली एडवाइजरी को प्राप्त कर जानकारी लेते रहें। उन्होंने बताया कि कान, नाक व गले को ढककर रखें तथा कई परत वाले गर्म कपड़े पहनें। स्नान हेतु गर्म पानी का प्रयोग करें। विशेष परिस्थितियों के लिए ईंधन बचाकर रखें। शरीर को गर्म रखने हेतु पेय पदार्थों एवं पौष्टिक आहार का सेवन करते रहें। शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ पैर, कान पर सफेद या पीले रंग के दाग पड़ने पर तुरनत डाक्टर से सम्पर्क करें। शराब या मदिरा का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम कर देता है। कंप कपी को नजर अंदाज न करें तथा तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें और सबसे जरूरी बात यह कि अपने पशुओं को रात में ढककर रखें तथा उन्हें सड़कों पर न चराएं।

जिला आपदा विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि कमरे को गर्म रखने के लिए जलावन यानी लकड़ी का प्रयोग कतई न करें क्योंकि इससे कमरे में धुआं फैलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। कोयले की अंगीठी, हीटर या ब्लोअर आदि का प्रयोग आप कर सकते हैं, लेकिन सावधानी बरतते हुए।

कमरे की खिड़कियां खोल के रखें ताकि अंगीठी से उत्पन्न जहरीले धुएं से आपको नुकसान न हो तथा कमरे में आक्सीजन की कमी भी न होने पाये। ठण्ड से बचने के लिए सर्दियों में तिल का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा खजूर का सेवन करें खजूर में विटामिन-ए, विटामिन-बी, कैल्शियम, पोटेशियम और अन्य विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जिससे शरीर के पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। सर्दी में अंडे का भी सेवन करना चाहिए, अंडे में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही गुड़, अदरक, शहद और हल्दी दूध आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है, इसका सेवन भी बहुत फायेदमंद होता है।

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