अब तक न्याय संवाददाता  सुदामा चरित्र के साथ हुआ भागवत कथा का समापन


अब तक न्याय संवाददाता 

सुदामा चरित्र के साथ हुआ भागवत कथा का समापन

बोरावड़ ( मुकेश जोया)  -  निकटवर्ती ग्राम कालवा छोटा बास में चल रही भागवत कथा का समापन  यज्ञाचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में  यज्ञ हवन पूर्णाहुति एवम   सुदामा चरित्र के वर्णन के साथ हुआ। कथाव्यास पंडित  विष्णु दत्त शास्त्री द्वारा सुदामा चरित्र का वर्णन किए जाने पर पंडाल में उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो गए। कथा  के दौरान श्री कृष्ण सुदामा की सजीव मन मोहक झांकी सजाई गई।  कथाव्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि मित्रता करो, तो भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी करो। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और विपत्ति के समय  निस्वार्थ भाव से  मदद करे। परंतु आजकल स्वार्थ की मित्रता रह गई है। जब तक स्वार्थ सिद्ध नहीं होता है, तब तक मित्रता रहती है।  जब जब भी भक्तो पर विपदा आई ह प्रभु उसका तारण करने आवश्य आते हैं। शास्त्री ने कहा कि शुकदेवजी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद भागवत कथा सुनाई जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया।तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस  लेता है राजा परीक्षित कथा  का श्रवण  करने के कारण भगवान के परमधाम को पहुंचते हैं।इसी के साथ कथा का विराम हो गया। इस मौके पर  भागवत कथा आयोजक  ठाकुर जगदीश सिंह तंवर,महावीर सिंह तंवर,रघुवीर सिंह तंवर की से  आयोजित भंडारे प्रसाद  में हजारों श्रद्धालु भक्तो ने  आनंद लिया। इस अवसर पर कालवा,बोरावड़ सहित  आस पास के  गांवों के लोग मौजूद थे।

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