दीपावली के दिन जहां दुनिया दियों से घर-आंगन रौशन करने और पटाखों से जश्न मनाने में डूबी है, वहीं आगरा में एक बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करके दरिंदों ने इस त्यौहार के मुंह पर कालिख पोत दिया। इस पावन त्यौहार पर भी एक बेटी दरिंदों का शिकार हो जाती है। लेकिन, सत्ता को फ़र्क़ नहीं पड़ता। बाब


दीपावली के दिन जहां दुनिया दियों से घर-आंगन रौशन करने और पटाखों से जश्न मनाने में डूबी है, वहीं आगरा में एक बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करके दरिंदों ने इस त्यौहार के मुंह पर कालिख पोत दिया। इस पावन त्यौहार पर भी एक बेटी दरिंदों का शिकार हो जाती है। लेकिन, सत्ता को फ़र्क़ नहीं पड़ता। बाबा जी! दीवाली का असल मतलब तब पूरा हो सकता है। जब हर महिला, किसान खुशहाल हो। अन्यथा किसी शहर में लाखों दीप जलवाने का कोई मतलब नहीं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।