ढाबे पर मिर्च पाउडर और हंसिए से हमला – महमूदाबाद में तनाव”


 

"सीतापुर के महमूदाबाद में एक ढाबा बना खूनी जंग का मैदान...
मिर्च पाउडर... हंसिया... और लाठियों से हुई मारपीट...
घायल हुआ एक युवक, कट गई उंगली...
और अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर साजिश के आरोप लगा रहे हैं।

घटना शनिवार शाम की है...जब नेशनल हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर इरफान, अपने सहयोगी तुषार के साथ ढाबे पर पहुंचे। आरोप है कि कुछ युवक महिला स्टाफ से बदसलूकी कर रहे थे। जब डॉक्टर इरफान ने विरोध किया, तो अचानक हमला कर दिया गया। डॉक्टर का आरोप है कि ढाबा मालिक अंकित राठौर और उसके 15-20 साथियों ने आंखों में मिर्च पाउडर डाला, और हंसिए से वार किया। तुषार की उंगली कट गई और दोनों किसी तरह भागकर थाने पहुंचे।

लेकिन कहानी का दूसरा पक्ष और भी चौंकाने वाला है।
ढाबा संचालक अंकित राठौर ने उल्टा डॉक्टर पर ही हमला करवाने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर के मुताबिक – डॉक्टर करीब 10-12 लोगों के साथ आए और बिना किसी बात के मारपीट शुरू कर दी।
दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर F I R दर्ज करवा दी है। पुलिस जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
घटना के बाद महमूदाबाद में तनाव जरूर फैला है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते हालात फिलहाल काबू में हैं।
चूंकि मामला दो प्रभावशाली पक्षों से जुड़ा है – स्वास्थ्य और व्यापार –
इसलिए प्रशासन मामले को बेहद संवेदनशील मानकर जांच में जुटा है।"
सवाल सिर्फ हमले का नहीं, सवाल है –
क्या आम जनता अब सार्वजनिक जगहों पर भी सुरक्षित नहीं?
क्या महिलाएं अब ढाबों पर भी सुरक्षित नहीं?"
"जांच के नतीजे तय करेंगे सच क्या है —
लेकिन फिलहाल, महमूदाबाद की ये घटना बन गई है कानून व्यवस्था पर एक और सवाल।
महमूदाबाद से अब तक न्यूज के लिए सुधीर वर्मा की रिपोर्ट।

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